किसान आंदोलन
Indian government today talk with Indian farmers about Kisan Andolan. भारत सरकार आज किसान आन्दोलन के बारे में भारतीय किसान के साथ बात करती है
किसानों के संगठन द्वारा किया जा रहा आंदोलन सिंधु बॉर्डर पर पूरे भारत के किसान इकट्ठा होकर कर रहे हैं। किसानों को आंदोलन करते हुए 1 महीने से भी ज्यादा का समय हो चुका है इसके बीच कई बार सरकार से वार्तालाप हुई है लेकिन दोनों पक्षों के तरफ से ही कोई भी हल नहीं निकला दोनों ही पक्ष अपनी अपनी बात पर अड़े हुए हैं। 2020 के नवंबर के आखिरी सप्ताह में किसान आंदोलन की शुरुआत हुई थी अब 2020 के आखिरी सप्ताह में आज 30 दिसंबर को 2020 में आखिरी बार सरकार से वार्तालाप की जाएगी। सरकार चाहती है कि किसान अपना आंदोलन समाप्त कर दें। किसान भी यही चाहता है कि आंदोलन को बंद कर दे परंतु दोनों ही पक्ष एक दूसरे की बात को नहीं समझ रहे हैं और एक दूसरे से समझौता भी नहीं कर रहे हैं। अब 30 दिसंबर को वार्तालाप के बाद ही पता चलेगा कि कौन सा पक्ष किसकी बात समझता है और फैसला भी किस पक्ष में आएगा।
रक्षा मंत्री माननीय राजनाथ सिंह ने कहा है कि किसानों की 1 इंच भी जमीन कोई भी नहीं लेगा। गृह मंत्री माननीय अमित शाह जी ने भी कई बार किसानों से बातचीत की उन्हें दिलासा दिलाया कि उनके साथ कोई भी अन्याय नहीं होगा। लेकिन भारतीय किसान इसी बात पर डटे हैं कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। अब देखते हैं भारत के किसानों को क्या सब रियत मिलती है नए साल पर क्या उनकी मांगे पूरी की जाएंगी क्या कृषि के तीनों कानूनों को वापस लिया जाएगा या तीनों कृषि कानूनों में बदलाव किया जाएगा क्या भारतीय सरकार किसानों की पूरी बात सुनेगी अब यह तो 30 दिसंबर की बैठक के बाद ही पता चलेगा जब दोनों पक्ष एक दूसरे के सामने बैठेंगे और क्या वार्तालाप होती है और क्या निष्कर्ष निकलता है।
किसान आंदोलन से जुड़ी सारी जानकारी आपको NEWS SHT वेबसाइट पर मिलेगी। आज सरकार और किसानों के संगठन के बीच जो वार्तालाप होगी उस का निष्कर्ष आपको समय से NEWS SHT वेबसाइट पर पता लग जाएगा।


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