ट्रैक्टर मार्च
किसान 42 दिन से कर रहे आंदोलन अब 43 वे दिन करेंगे ट्रैक्टर से रैली।
भारतीय मूल का किसान बहुत ही परेशान हो चुका है इन तीन कृषि कानूनों की वजह से अब 42 दिन तो हो चुके हैं किसानों को अपने संगठनों के साथ-साथ आंदोलन करते हुए अब दिल्ली के हर बॉर्डर पर किसान 43 वे दिन ट्रैक्टर द्वारा करेंगे रैली अब बात यह है की किसान तो रैली करेंगे ही क्या इस रैली से भारतीय सरकार जो वर्तमान में वेज बीजेपी है और माननीय प्रधानमंत्री हमारे नरेंद्र मोदी जी हैं क्या उन तक यह बात पहुंचेगी या नहीं और जब पहुंचेगी तो किसानों के आंदोलनों के बारे में क्या फैसला आता है।
tractor march
भारतीय किसान द्वारा किसान आंदोलन में एक नई पहल की गई है अब किसान 7 जनवरी 2021 को एक्सप्रेस वे पर tractor march निकालेंगे किसान तेजी से अपने आंदोलन को बढ़ाने में लगा हुआ है किसान चाहता है भारतीय सरकार द्वारा कृषि के तीनों कानूनों को वापस लिया जाए और भारतीय सरकार यह चाहती है कि उन तीनों कानूनों को बना रहने दिया जाए अब बात यहां आत्मसम्मान की आ गई है अगर किसान पीछे हटते हैं तो आने वाले समय में कहा जाएगा कि जनता अब कुछ भी नहीं है और किसानों की भी अब नहीं सुनी जाती है और अगर सरकार पीछे हटती है कृषि कानूनों को वापस लेती है तो यह कहा जाएगा कि देखो सरकार पीछे हट गई सरकार हार गई लेकिन अगर सरकार मान लो अगर मान भी लेती है तो अगर जनता को कोई भी अपनी बात मनमानी हो तो जनता यूं ही सड़क पर उतर आएगी और आंदोलन करने लगेगी यह भी तो सही नहीं है की जनता अपनी शक्ति का प्रदर्शन करके अपनी मनमानी कर ले लेकिन सरकार को भी यह सोचना चाहिए कि किसानों को कितना समय हो गया है और किसान भारत के अन्न दाता है क्या उनके साथ यह हो रहे अन्याय के लिए कौन जिम्मेदार है और कौन इसकी जिम्मेदारी लेगा।
Tractor Rally / Kisan Andolan
4 जनवरी 2021 को हुई सरकार के साथ किसानों की बैठक में कोई भी ठोस फैसला निकलकर नहीं आया है अब किसानों के संगठन के नेताओं ने साफ-साफ बयान दे दिया है कि किसानों के सब्र का इंतिहान ना लें किसान सब्र कर सकता है और सब्र कर भी रहा है लेकिन हर एक चीज की एक लिमिट होती है और सब्र की लिमिट खत्म होती जा रही है।


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