किसान आंदोलन और सरकार का मामला अब सुप्रीम कोर्ट देखेगी।
किसानों की सरकार से आठवें दौर की बातचीत में भी कोई ठोस फैसला निकलकर नहीं आ पाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कृषि के तीनों कानूनों में हम संशोधन करने के लिए तो तैयार हैं लेकिन कृषि के तीनों कानूनों को वापस नहीं लेंगे और किसान अपनी बात पर खड़े हुए हैं इसी आगे खबर को पूरा पढ़े।
भारतीय सरकार और किसान के संगठनों के बीच अब अगली बातचीत 15 जनवरी 2021 को होगी किसान अपनी बात पर ही अड़े हुए हैं कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और सरकार इस बात को मानने को तैयार नहीं है। 15 जनवरी 2021 को सरकार और किसानों के बीच में बातचीत होने से पहले ही 11 जनवरी 2020 दिन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इसी मामले पर सुनवाई होनी है अब 11 जनवरी को सुनवाई होने के बाद ही पता चलेगा के पलना किसका भारी है भारतीय किसानों का या भारतीय सरकार का। सरकार ने यह भी कहा तीनों कानूनों को रद्द करने के बजाए कोई और विकल्प हो तो उस विकल्प पर सरकार विचार विमर्श करेगी लेकिन तीनों कृषि कानूनों का वापस नहीं लिया जाएगा। भारतीय कृषि मंत्री माननीय नरेंद्र सिंह तोमर जी ने स्पष्ट कहा कि देर तक बातचीत चलने पर भी कोई फैसला स्पष्ट नहीं हो पाया है।
Bhartiya sarkar or kisan andolan ka mamla ab suprime court me.
सूत्रों के हवाले से यह भी खबर आ रही है कि 15 जनवरी 2021 को किसान आंदोलन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी शामिल होगी अब यह बात कितना सत्य है इस बात का तो 15 जनवरी 2021 को ही पता चलेगा।


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