कृषि के तीन कानून और भारत का किसान का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट कृषि के तीनों कानूनों पर फिलहाल के लिए रोक लगा सकता है ऐसा सूत्रों के हवाले से खबर निकल कर आई है। सुप्रीम कोर्ट भारत का किसान और कृषि के तीनों अकाउंट इन सभी के बारे में जानने के लिए आगे पढ़ें।
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की बेंच ने केंद्र सरकार को एक नई कमेटी बनाने का सुझाव दिया है। कमेटी के अध्यक्ष के लिए पूर्व चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा के नाम का प्रस्ताव रखा। सुप्रीम कोर्ट ने पहली सुनवाई में कहा सरकार कृषि कानूनों के लागू होने पर रोक नहीं लगा सकती तो यह फैसला सुप्रीम कोर्ट को लेना होगा। अटॉर्नी जनरल ने कहा कानून संविधान के खिलाफ नहीं है इसलिए सुप्रीम कोर्ट रोक नहीं लगा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा सरकार अभी तक इस मामले को समझाने में नाकाम रही है। इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा किसी दिन शांति भंग हो जाएगी हम नहीं चाहते इस अशांति का कारण हम भी बने।
सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा अभी तक किसानों से सरकार की 8 बार वार्ता हो चुकी है फिर भी अभी तक किसान आंदोलन का मामला नहीं सुलझा है इस को जल्द से जल्द सुलझाया जाए नहीं तो देश में शांति भंग हो जाएगी।
The Supreme Court will now decide the dispute between the farmer's movement and the government.
सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के वकील से पूछा अगर कृषि कानूनों पर रोक लगा दी जाए तो क्या किसान अपने घर वापस लौट जाएंगे किसानों की तरफ से लड़ रहे किसान के वकील ने इस बात का जवाब नहीं दे पाया तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा किसानों से कहिए उनके साथ जो बच्चे और महिलाएं और बुजुर्ग आंदोलन कर रहे हैं ये तीनों लोग अपने अपने घर लौट जाए यह चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे का संदेश है।
सरकार ने कहा
सरकार ने कहा जो भी फैसला सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लिया जाएगा उस फैसले का सम्मान सरकार करेगी। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कहा किसानों के साथ बैठकर समाधान निकालने की कोशिश जारी रहेगी। किसानों और सरकार की 9वी बातचीत 15 जनवरी 2021 को होगी।
वर्तमान में बीजेपी सरकार सत्ता में है और वर्तमान में ही किसान आंदोलन कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार पर निशाना साधा है इन सभी को देखते हुए कांग्रेस ने भी यह कह दिया आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सरकार को फटकार लगाई गई हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा वर्तमान सप्ताह में सरकार से अगर तुमसे ना हो पाए तो हम कर देते हैं।
Kisan Andolan
किसानों ने भी सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद बोला है और किसानों ने साफ साफ बोला है जब तक कृषि के तीनों कानूनों को रद्द नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा जिस दिन कृषि के तीनों कानूनों को रद्द कर दिया जाएगा उसी दिन किसानों द्वारा किया जा रहा आंदोलन बंद कर दिया जाएगा।


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